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श्री ज्ञानदेव घनसाली जी के निधन से उत्तराखंडी समाज को अपूरणीय क्षति

पटियाला । उत्तराखंडी संस्कृति और समाज के प्रबल समर्थक श्री ज्ञानदेव घनसाली जी के निधन से पूरे प्रवासी उत्तराखंडी समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। वे हिलाँस सांस्कृतिक कला मंच (रजि.) पटियाला के केवल अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि मंच के प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक भी थे। उन्होंने इस संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

श्री ज्ञानदेव घनसाली जी का जीवन समाज सेवा, उत्तराखंडी संस्कृति के संरक्षण और राजनीतिक सक्रियता का अनूठा उदाहरण था। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों को एकजुट करने और अपनी संस्कृति के प्रचार-प्रसार में जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है। उनके अथक प्रयासों के कारण हिलाँस मंच ने न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को पंजाब में जीवंत बनाए रखा, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया। उनके नेतृत्व में मंच ने कई लोकगीतों, नाटकों और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिससे उत्तराखंडी संस्कृति को नई पहचान मिली।

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भाषा संस्कृति बोलने व बर्तने से ही बचेगी: डॉ. जलन्धरी

अमृतसर। गढ़वाल सभा भवन कृष्णा नगर अमृतसर में ‘अपणि बोलि-अपणि भाषा’ जन जागरण अभियान कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेम सिंह पंवार ने की। बैठक में गढ़वाली सभा कृष्णा नगर, उतराखण्डी गढ़वाली रामलीला कमेटी के पदाधिकारी शामिल रहे। जनजागरण अभियान के लिए अमृतसर पहुंचने वाले सदस्यों में डॉ. बिहारीलाल जलन्धरी, चंद्र सिंह रावत, प्रेम सिंह बिष्ट, बिनोद प्रसाद भट्ट शामिल थे।

गढ़वाली सभा के उप प्रधान अमर सिंह पंवार उत्तराखंडी ने कहा कि उत्तराखंड में पंजाबी की तरह एक प्रतिनिधि भाषा की आवश्यकता है लेकिन राज्य गठन के बाद भी हम गढ़वाली कुमाऊँनी जौनसारी के फेर में फंसे हुए हैं। हमारा पूरा समाज एकजुट होने पर भी बंटा हुआ है। Read More

ऋषिकेश: राफ्टिंग और कैंपिंग के शौकीन 01 सितंबर से फिर शुरू कर सकेंगे रोमांचक सफर

ऋषिकेश । रोमांच के शौकीनों के लिए 01 सितंबर से राफ्टिंग और कैंपिंग फिर से शुरू की जा रही है। हेंवघाटी, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र में संचालित कैंप फिर से चल सकेंगे। गंगा का जलस्तर बढ़ा तो 30 जून के बाद राफ्टिंग का संचालन बंद कर दिया गया था। जुलाई और अगस्त महीने में बरसात की वजह से पर्यटक पानी के रोमांचक खेलों और नदी किनारे लगे कैंपों से दूरी बना लेते हैं।